
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना जिले के पिपरसेवा में नई ग्रीन हाइड्रोजन निर्माण इकाई का भूमिपूजन किया। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश की औद्योगिक और ऊर्जा क्रांति की नींव बताते हुए इसे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल की उपजाऊ और ऐतिहासिक धरती अब केवल कृषि के लिए ही नहीं, बल्कि टिकाऊ उद्योग और ऊर्जा उत्पादन के लिए भी आधार बनेगी। यह इकाई मुरैना को औद्योगिक मानचित्र पर प्रमुखता दिलाएगी।
इस परियोजना से लगभग 500 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही अप्रत्यक्ष रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हाइड्रोजन संयंत्र के लिए कोरिया और ब्रिटेन की कंपनियाँ तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही हैं। इसका उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है, जिससे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन एनर्जी मिशन को समर्थन देगी और स्वदेशी ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस प्रयास में सहयोग की अपील की।
मुरैना में स्थापित यह हाइड्रोजन निर्माण इकाई राज्य में नई औद्योगिक युग की शुरुआत का संकेत है। अंतरराष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी, रोजगार सृजन और स्वदेशी ऊर्जा उत्पादन—यह परियोजना कई मायनों में प्रदेश के विकास को नया आयाम देने में सक्षम है।









