
विश्व छात्र एवं युवा संगठन (WOSY) – छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर
आज के वैश्विक युग में शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रह गई है। विदेशी छात्र भारत में पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें संस्कृति, जीवनशैली और कानूनी प्रक्रियाओं को समझने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विश्व छात्र एवं युवा संगठन (WOSY) छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक और सहयोगी संस्था बनकर सामने आया है।
WOSY की स्थापना 1985 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय छात्रों और युवाओं को एक साझा मंच पर लाने, उनकी प्रतिभा और क्षमता को निखारने, तथा उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से कार्य करता है।
WOSY के प्रमुख उद्देश्य
1. सांस्कृतिक समावेश और अनुभव – WOSY के प्रमुख कार्यक्रम Hello Buddy के माध्यम से विदेशी छात्र भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करते हैं। यह कार्यक्रम भारतीय संगीत, नृत्य, योग, आयुर्वेद, त्योहारों और खान-पान की विविधता से परिचित कराता है।
2. शैक्षणिक और कौशल विकास – संगठन द्वारा आयोजित अकादमिक सेमिनार, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और वर्कशॉप छात्रों को नई क्षमताएँ विकसित करने और समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
3. कानूनी और सुरक्षा जागरूकता – विदेशी छात्रों के लिए WOSY का “Stay in India – Legal Awareness” प्रोग्राम बहुत महत्वपूर्ण है। यह उन्हें भारत में कानूनी नियम, वीज़ा प्रक्रिया, सुरक्षा उपाय और छात्रों के अधिकारों की जानकारी देता है।
4. वैश्विक समुदाय का निर्माण – WOSY अंतरराष्ट्रीय छात्रों और भारतीय युवाओं के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है। यह संगठन यह विश्वास करता है कि “वसुधैव कुटुम्बकम” – यानी पूरी दुनिया एक परिवार है।
मध्यप्रदेश में अनुज सिंह का योगदान
मध्यप्रदेश में प्रांत संयोजक अनुज सिंह WOSY के कार्यक्रमों और छात्रों के लिए किए गए प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य में छात्रों के हित में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं। उनका समर्पण और सक्रिय नेतृत्व छात्रों को WOSY से जुड़ने और उनका अनुभव समृद्ध बनाने में मार्गदर्शन करता है।
COVID-19 के समय में WOSY की पहल
विश्व महामारी के दौरान भी WOSY ने अपने वर्चुअल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से छात्रों से संपर्क बनाए रखा। ऑनलाइन सेमिनार, वर्कशॉप और सम्मेलन आयोजित कर छात्रों की शैक्षणिक सफलता और मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित किया।
रिपोर्ट -रावेन्द्र त्रिपाठी भोपाल









