
रिपोर्टर — जयविलास शर्मा
वर्षों पुरानी परम्परा को मंत्रोपचार के साथ मनाया, मान्यता है शस्त्र और वर्दी में बसती है अलौकिक शक्ति
गरियाबंद — देवभोग पुलिस ने विजयादशमी के अवसर पर थाने में वर्षों पुरानी परम्परा शस्त्र पूजन किया। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी शस्त्र पूजन को लेकर पुलिस कर्मियों में भारी उत्साह देखा गया। वहीं इसकी तैयारी को लेकर थाना प्रभारी फैजुलहोदा शाह के निर्देश पर विभाग के कर्मचारी व्यवस्था में लगे थे। पुलिस विभाग की मान्यता है कि पुलिस की वर्दी और वैपन में अलौकिक शक्ति बसती है और इसका पूजन भी आवश्यक है। यह एक प्राचीन परम्परा है जो पुलिस को शक्ति और सुरक्षा प्रदान करने वाले शस्त्रों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक है।
शस्त्र पूजन पुलिस विभाग के लिये क्यों आवश्यक है?
पुलिस का काम समाज को दुश्मनों से सुरक्षा प्रदान करना होता है। ऐसे में पुलिस के पास हथियार महत्वपूर्ण साधन होते हैं। दशहरे के महीने में प्राकृतिक सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहता है इसलिए पुलिस विभाग विजयादशमी के दिन हथियार को शक्ति का प्रतीक मानकर पूजन करती है।
शस्त्र पूजन के साथ जुड़ी है कई मान्यताएं और सांस्कृतिक एवं पौराणिक महत्व
पुलिस विभाग के शस्त्र पूजन में समाज की सुरक्षा में उपयोग में लाए जाने वाले हथियारों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान के साथ पुलिस की विजय और सुरक्षा का विशेष महत्व है। वहीं शस्त्र पूजन सांस्कृतिक और पौराणिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है और इसका महत्व भी कम नहीं है। इस दिन शस्त्रों की सफाई कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि जरूरत पड़ने पर पुलिस समाज को आतातायियों से सुरक्षा के लिए सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम कर सके। इस अवसर पर थाना प्रभारी, सहायक थाना प्रभारियों सहित पुरुष एवं महिला पुलिस कर्मी शस्त्र पूजन में शामिल हुए।









