
शहडोल से राजेंद्र कुमार शर्मा
शहडोल/जयसिंहनगर :- सिविल स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर अंतर्गत खंड चिकित्सा अधिकारी(बीएमओ) के पद पर पदस्थ आदरणीय आनंद प्रताप पटेल जी को आरोप/प्रत्यारोपों में उलझाकर नगर के ही कुछ नेताओं व तथाकथित समाजसेवियों द्वारा कुचक्र रचने का काम किया जा रहा है। तथ्यों से प्राप्त अपुष्ट जानकारी की माने तो सिविल स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत नेताओं व तथाकथित समाजसेवियों के मध्य एक टीम चैनल बनाकर पूर्व में पदस्थ हो चुके अन्य बीएमओ पर ट्रांसफर या निलम्बन का राजनीतिक भय दिखाकर इनके द्वारा मासिक चंदा वसूली करते हुए स्वायत्त लाभ पहुंचाने का कार्य फल-फूल रहा था, किंतु जब क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था के दायित्वों के प्रति समर्पित अब एक कर्तव्यनिष्ठ एवं लगनशील व ईमानदार खण्ड चिकित्सा अधिकारी प्राप्त हुए हैं तो इन तथाकथित नेताओं व समाजसेवियों के जेब भरने बंद हो गए हैं तो इनके द्वारा विद्रोह करते हुए एवं चंद स्थानीय लोगों को अपने भ्रमपास में उलझाकर विद्रोही स्वर को बुलंदी देते हुए क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था के विरुद्ध सम्भावित हिंसात्मक प्रदर्शन को रंग देने का षड्यंत्र रचा जा रहा है, ऐसे माहौल को देखते हुए अन्य जनमानस की धड़कनों में एक ही सवाल उत्पन्न हो रहा है क्या इस स्वार्थ की राजनीति में नगरीय एवं जनपद ग्रामीण अंचल के निवासियों से सम्बन्धित विभागीय प्रशासन को भ्रमित कर ईमानदार चिकित्सक को ट्रांसफर या निलम्बन जैसी प्रक्रियाओं में फंसाकर छीनने में कामयाब होंगे।
अखबार में प्रकाशित विरोधी स्वर की क्या है हकीकत
बता दें कि अभी हाल ही में 02 अक्टूबर, 2025 को प्रकाशित अखबार के एडिशन में बिना किसी ठोस प्रमाण के बीएमओ जयसिंहनगर के विरुद्ध खबर प्रकाशन का मामला सामने आया है, सूत्रों की मानें तो सम्बन्धित पक्ष द्वारा खण्ड चिकित्सा अधिकारी के विपक्ष में जो जानकारी दी गई है वह पूर्णतया: निराधार है जबकि सत्य इससे कहीं पृथक है, चर्चा का विषय यह भी बना हुआ है कि सम्बन्धित को भड़काकर अपना लाभ साधने का कार्य तथाकथित नेताओं व समाजसेवियों द्वारा ही किया जा रहा है, आनंद प्रताप पटेल जी द्वारा पूर्व में अस्पताल के ही स्टाफ के साथ थाने जाकर 17/08/2025 को यह एफआईआर लेख कराया गया कि सम्बन्धित द्वारा 16/08/2025 की रात लगभग 09:00 बजे के करीब सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में घायल कुत्ता का इलाज कराने लाया गया, जिसे पशु चिकित्सालय ले जाने की समझाइश दी गई, किंतु इतने में आगबबूला होकर सम्बन्धित व्यक्ति द्वारा अभद्र भाषा से गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जो कि कुछ दिनों तक बाजार में जनमानस के बीच चर्चा का विषय बना रहा व पीठ पीछे इस मामले पर स्थानीय नेताओं एवं तथाकथित समाजसेवियों का हाथ भी सामने आने की चर्चा सरगर्मी में बनी हुई थी।
पूर्व की एक घटना जिसमें नगर के ही एक प्रतिष्ठित व्यापारी व स्वार्थ की राजनीति से दूर जनमानस के प्रति सहयोगात्मक भाव रखने वाले राजेश शुक्ला के पुत्र का मलेरिया रोग इलाज करने के लिए घर गए जनकपुर रोड के अवैध क्लीनिक संचालक के.के. विश्वास के विरुद्ध गलत उपचार करने से बीमारी ठीक होने की अपेक्षा पीलिया रूप में गम्भीर रोग होकर रूपांतरित हो गई, जो कि बाद में सिविल स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर के खण्ड चिकित्सा अधिकारी आनंद प्रताप पटेल जी के देखरेख में ही स्वस्थ हुए, इस मैटर को लेकर पीड़ित पक्ष द्वारा विश्वास क्लीनिक के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त करते हुए आनंद प्रताप पटेल जी की सक्रियता को लेकर प्रशंसा भी की गई थी। इस मुद्दे पर खबर प्रकाशन भी किया गया एवं राजनैतिक रंग देते हुए विश्वास क्लीनिक पर कार्यवाही को रोकने के लिए इनके द्वारा निष्ठावान चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध षड्यंत्र रचने की भी आशंका जाहिर की गई थी, जो कि आज सत्य स्वरूप लेते हुए परिलक्षित हो रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन द्वारा इन नेताओं व तथाकथित समाजसेवियों को चिन्हित करते हुए इन पर नियंत्रण लगाया जाएगा या फिर कर्तव्यनिष्ठ बीएमओ को ट्रांसफर या निलंबन की प्रक्रियाओं में उलझकर इनके महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ना होगा।









