
रिपोर्टर सोनू मालवीय
सिरोंज, देशभर में नौ दिनों तक चली नवरात्रि आराधना गुरुवार को संपन्न हुई। भक्तों ने नाच-गाकर और चल समारोह निकालकर माता को विदाई दी। इसके बाद तय स्थलों पर माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। 22 सितंबर को शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ नवरात्रि पर्व का आरंभ हुआ था। इन नौ दिनों के दौरान नगर सिरोंज में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का दौर चला। कई स्थानों पर कन्या पूजन और कन्या भोज भी आयोजित किए गए। नगर में श्री महाकाली शक्ति समिति, रंगमंच महोत्सव, ईशान स्कूल, केडीबीएम स्कूल द्वारा गरबा महोत्सव भी आयोजित हुए, जहां स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिला। नवमी के दिन माता की विदाई के लिए सुबह से देर शाम तक विभिन्न समितियों ने चल समारोह निकाले। इन समारोहों का जगह-जगह स्वागत किया गया। छोटी बालिकाएं गरबा नृत्य के माध्यम से माता की आराधना करती हुई चल समारोह में शामिल हुईं। विभिन्न मार्गों से होते हुए ये चल समारोह विसर्जन स्थल पर पहुंचे, जहां विधि-विधान से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
केथन नदी घाट पर 500 से अधिक मां दुर्गा की मूर्तियां विसर्जित हुई। विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। श्री हिंदू उत्सव समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी शहर के छत्री नाका से दुर्गा विसर्जन चल समारोह शुरू हुआ। समारोह में 125 से अधिक चलित झांकियां और पांच से 18 फीट तक मां दुर्गा की मूर्तियां शामिल रहीं। कई वर्षों से चला आ रहा ऐतिहासिक नवदुर्गा प्रतिमा विसर्जन चल समारोह छत्री नाका और अन्य मार्गों से विसर्जन स्थल तक पहुंचा। जिसमें विभिन्न स्वरूपों की माता प्रतिमाओं के साथ हजारों की संख्या में लोग भी शामिल हुए। विसर्जन चल समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। चल समारोह में मां दुर्गा, मां काली का दरबार, श्री कृष्ण लीला प्रसंग, अयोध्या का राम मंदिर, ऑपरेशन सिंदूर समेत अन्य आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष ओम सोनी ने बताया कि इस बार चल समारोह में ढोल, बैंड, तासे पर श्रद्धालु नृत्य कर रहे थे और माता रानी के जयकारे गूंज रहे थे। जगह-जगह अखाड़ों के कलाकार करतब दिखा रहे थे।
नगर पालिका ने शहर के केथन नदी विसर्जन घाट पर क्रेन, बोट्स, पर्याप्त संख्या में आवश्यक संसाधनों, उपकरणों से लैस गोताखोर व फायर ब्रिगेड का अमला तैनात किया। साथ ही बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। सुरक्षा और समन्वय के लिए घाट पर कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है।
सिरोंज में दशहरा का भव्य आयोजन। सिरोंज में इस वर्ष दशहरे का पर्व पूरी श्रद्धा, सुरक्षा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। वहीं दशहरा मैदान में आतिशबाजी कर भरपूर उत्साह के साथ रावण का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के न्यू बस स्टैंड स्थित दशहरा मैदान पर रावण दहन, रामलीला, झांकियों और भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और मुख्य चल समारोह के चलते शहर भर में उत्सव का माहौल रहा। हर साल भारत में दशहरा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल अश्विन मास के शुक्ल पक्ष को विजयदशमी मनाई जाती है। हिंदू धर्म में हर त्योहार को बड़े ही जश्न के साथ मनाया जाता है। भारत में हर त्यौहार का अपना-अपना महत्व होता है। रामायण के अनुसार इस दिन ही भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। भगवान राम ने अधर्म को हराकर धर्म पर विजय पाई थी। हर साल लोग पूरे नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा करते हैं। हर दिन लोगों को माता के अलग-अलग रूप के दर्शन करने को मिलते हैं। इस साल नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हुई थी, तब से ही भारत के हर कोने-कोने में माता दुर्गा का पंडाल लगाया गया है। जहां हर दिन काफी संख्या में लोग घूमने जाते हैं। महानवमी के बाद विजयदशमी के दिन रावण का पुतला जलाया जाता है। इस दिन हर कोई एक-दूसरे को विजयदशमी की बधाई देता है। चल समारोह के चलते शहर भर में ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाएं प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए, जिससे त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हुई। इस प्रकार प्रशासन का भरपूर सहयोग रहा।









