
- रिपोर्ट—राजीव गुप्ता
लौंग से होगा लड्डू गोपाल का विशेष महाभिषेक, रात 12 बजे महाआरती के साथ मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव आष्टा। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 4 सितंबर, शुक्रवार को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। आष्टा स्थित श्रीजगदीश्वर धाम राधाकृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न संस्कार, अभिषेक, भजन-कीर्तन, श्रृंगार एवं धार्मिक आयोजन होंगे। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के पश्चात महाआरती एवं जन्मपत्रिका का वाचन किया जाएगा।श्रीजगदीश्वर धाम के व्यवस्थापक एवं नगर पुरोहित पं. मयूर पाठक ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्म महोत्सव शास्त्रीय मर्यादाओं एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, 4 सितंबर को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीजगदीश्वर धाम में श्रावण शुक्ल एकादशी से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न संस्कार प्रारंभ हो जाते हैं, जो लगभग सवा माह तक चलते हैं। इस वर्ष भी धार्मिक संस्कारों का क्रम जारी है। सात पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप तैयार हुई विशेष पोशाक पं. मनीष पाठक ने बताया कि विगत सात पीढ़ियों से जन्माष्टमी के पूर्व श्रावण शुक्ल एकादशी से भगवान के विभिन्न संस्कार संपन्न किए जाते हैं। हिंदू संवत्सर के नाम के अनुरूप भगवान को विशेष पोशाक धारण कराने की परंपरा भी यहां वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष 2083 रौद्र संवत्सर के नाम के अनुरूप जयपुर से विशेष पोशाक तैयार कराई गई है। पोशाक के धार्मिक संस्कारों का क्रम जारी है। वस्त्र जुलाहा संस्कार, विश्वकर्मा संस्कार, मोर पंख संस्कार एवं सप्त तीर्थ जल संस्कार सहित विभिन्न धार्मिक प्रक्रियाओं के साथ मंत्र जाप द्वारा पोशाक का शुद्धिकरण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया जन्माष्टमी के दिन पूर्ण होगी। ‘श्यामहरित’ पोशाक में होंगे श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार के दर्शन इस वर्ष श्रीजगदीश्वर धाम स्थित देव भवन में विराजमान श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार जन्माष्टमी पर आकर्षक ‘श्यामहरित’ पोशाक में भक्तों को दर्शन देंगे। विशेष पोशाक का निर्माण वेलवेट, सिल्क, जरी, रेशम, धातु एवं विभिन्न अलंकारों से किया गया है। इसमें ठाकुरजी को ‘हरितपल्लव’ दृश्य क्षेत्र के मध्य विराजमान कराया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर की विशेष साज-सज्जा की जाएगी। गर्भगृह को भी आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, जिससे श्रीकृष्ण प्राकट्य उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को दिव्य एवं मनोहारी दर्शन प्राप्त होंगे। लौंग से होगा लड्डू गोपाल का विशेष महाभिषेक पंडित डॉ. दीपेश पाठक ने बताया कि श्रीजगदीश्वर धाम में प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक पदार्थों एवं साधनों से भगवान लड्डू गोपाल का विशेष महाभिषेक किया जाता है। इस वर्ष लौंग से भगवान बाल गोपाल का विशेष अभिषेक होगा। इसके साथ पंचामृत, पंचमेवा, तुलसी दल, पुष्प एवं फलों से भगवान का अर्चन किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं में लौंग को शुभता एवं सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। रात्रि 12 बजे महाआरती के पश्चात अभिमंत्रित लौंग श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी। प्रातः आरती से शुरू होंगे आयोजन, रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जन्माष्टमी के दिन 4 सितंबर को प्रातः शंखध्वनि के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आरती होगी। सुबह 8:30 बजे लौंग, पंचामृत एवं पंचमेवा से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद लगभग 10 बजे पुष्पांजलि एवं अमृतभोग का आयोजन होगा। दोपहर के बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शाम 7 बजे महिलाओं द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। रात 8 बजे श्री तुलसी मानस मंडल द्वारा भजन-कीर्तन के माध्यम से बाल गोपाल का वंदन किया जाएगा। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य अवसर पर महाआरती होगी तथा श्रीकृष्ण की जन्मपत्रिका का वाचन किया जाएगा। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का वातावरण रहेगा। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से अंतिम रूप दिया जा रहा है।









