
रिपोर्टर – लखन ठाकुर
28 वर्षों से चली आ रही परंपरा में पहली बार श्री टोकेश्वर महादेव की पालकी भी रही साथ, हरिहर और शिव-शक्ति मिलन बना आकर्षण का केंद्र मंडलेश्वर। नगर के अधिष्ठाता राजाधिराज भगवान श्री काशी विश्वनाथ भादौ मास के पहले सोमवार को राजसी ठाठ-बाट के साथ शाही सवारी पर नगर भ्रमण के लिए निकले। रंग-बिरंगे फूलों की झालरों और आभूषणों से सुसज्जित पालकी में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्री काशी सेवा समिति एवं धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित यह परंपरागत शाही सवारी का 28वां वर्ष रहा। इस वर्ष शाही सवारी की विशेषता यह रही कि भगवान श्री काशी विश्वनाथ की पालकी के आगे श्री टोकेश्वर महादेव की पालकी भी साथ चली। इसके अलावा नगर के प्रमुख शिवालयों की सवारियां और विभिन्न धार्मिक झांकियां भी शाही सवारी में शामिल रहीं। शाम करीब 4 बजे नर्मदा तट स्थित रामघाट से सवारी रवाना होने से पूर्व भगवान श्री काशी विश्वनाथ की आरती की गई। इसके बाद सवारी श्री टोकेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां मंदिर के पुजारी राघवदासजी महाराज ने भगवान का पूजन किया। यहां से सवारी श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंची। पुजारी ठाकुरजी महाराज ने दोनों पालकियों की अगवानी कर भगवान को पुष्पहार अर्पित किया। इसके बाद सवारी फिल्टर प्लांट, कन्या स्कूल और लाइब्रेरी होते हुए राम मंदिर के समीप पहुंची। यहां भगवान श्री काशी विश्वनाथ और दुर्गा माता का शिव-शक्ति मिलन हुआ। इस धार्मिक प्रसंग के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भावुक नजर आए। सवारी केवट मोहल्ले से होते हुए पुनः श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां भगवान का पूजन किया गया। इसके बाद सवारी जेल रोड, क्षत्रिय राजपूत धर्मशाला और कसरावद रोड होते हुए कसरावद फाटा पहुंची। यहां श्री बालाजी ग्रुप द्वारा स्वागत मंच बनाया गया था। महेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार मेव ने भगवान श्री काशी विश्वनाथ का पूजन कर स्वागत एवं आरती की। इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अंकुश जायसवाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज शर्मा, समाजसेवी नितिन पाटीदार, मंडल अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पाटीदार, मंडल महामंत्री अनिरुद्ध हलवे, युवा नेता विक्की पाटीदार, पूर्व पार्षद चेतन राठौड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इसके बाद शाही सवारी पुलिस चौकी और एमजी रोड होते हुए घंटाघर पहुंची। यहां भगवान श्री काशी विश्वनाथ और श्री लड्डू गोपाल कृष्ण का हरिहर मिलन हुआ। दोनों भगवान की आरती की गई। देर रात शाही सवारी पुनः श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची, जहां आरती के साथ आयोजन का समापन हुआ। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ शाम 6:15 बजे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की अपील पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। शाही सवारी में युवाओं की टोलियां डीजे और ढोल की थाप पर उत्साह के साथ शामिल हुईं। मार्ग में महिलाओं ने कई स्थानों पर भगवान की पूजा-अर्चना की। प्रमुख शिवालयों की सवारियां और धार्मिक झांकियां शामिल शाही सवारी में श्री टोकेश्वर महादेव, श्री छत्रगणेश महादेव, श्री जालेश्वर महादेव, श्री गुप्तेश्वर महादेव, श्री महामंडलेश्वर महादेव, श्री दुर्गा माता और श्री खाटूश्यामजी अलबेली सरकार की सवारियां शामिल हुईं। इसके साथ ही बाबा बर्फानी की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। ढोल-ताशों की गूंज के बीच अखाड़ों ने दिखाए करतब शाही सवारी में रतलाम, बुरहानपुर और मनावर के ढोल-ताशा एवं मांदल दलों ने प्रस्तुतियां दीं। ढोल-ताशों की गूंज और धार्मिक जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सवारी के आगे युवाओं के अखाड़ों ने पारंपरिक एवं साहसिक करतब प्रस्तुत किए। करतब देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। 25 से अधिक स्थानों पर लगाए सेवा स्टॉल आयोजन में एक बैंड, 10 डीजे, 4 ढोल दल, 6 झांकियां और 3 अखाड़ा दल शामिल हुए। विभिन्न समाजों और संगठनों की ओर से 25 से अधिक स्थानों पर नाश्ता, चाय, कॉफी, छाछ सहित अन्य सामग्री के सेवा स्टॉल लगाए गए। कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाकर शाही सवारी का स्वागत किया गया। पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद शाही सवारी के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली। एसडीओपी श्वेता शुक्ला, थाना प्रभारी पंकज तिवारी सहित पुलिस टीम मार्गभर मुस्तैद रही। गली-मोहल्लों और सवारी के साथ पुलिस जवानों की तैनाती की गई।श्री काशी सेवा समिति एवं धर्म जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन भगवान श्री काशी विश्वनाथ की आरती के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार, शाही सवारी की यह परंपरा लगातार 28 वर्षों से श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है।









