
रिपोर्ट/ बादल हुसैन
नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों का बाल रूप हर किसी के मन को आनंद और भक्ति से भर देता है। घरों से लेकर विद्यालयों तक बच्चों ने बाल गोपाल और राधा रानी के रूप में सजकर जन्माष्टमी उत्सव की सुंदरता को और बढ़ा दिया। राजधानी दिल्ली में भी जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के मनमोहक रूप देखने को मिले। सिर पर आकर्षक पगड़ी, हाथों में बांसुरी और चेहरे पर मासूम मुस्कान लिए नन्हे बालक भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की सुंदर झलक प्रस्तुत करते नजर आए। वहीं, नन्ही बच्चियां रंग-बिरंगे लहंगे-चुनरी, माथे पर बिंदिया और पारंपरिक आभूषणों से सजकर राधा रानी के स्वरूप में बेहद आकर्षक दिखाई दीं। स्कूलों, मंदिरों और घरों में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रमों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण नजर आया। बच्चों की सुंदर वेशभूषा और मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सभी ने नन्हे कलाकारों की सराहना की। इस अवसर पर उषा यादव ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक पर्वों की जानकारी मिलती है। साथ ही, बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति रुचि और उत्साह भी बढ़ता है।जन्माष्टमी के अवसर पर नन्हे बच्चों के कृष्ण और राधा स्वरूप ने वातावरण में भक्ति, उमंग और खुशियों की सुंदर छटा बिखेर दी।









