
रिपोर्टर – सुशील चौहान
सिवनी। जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग प्राप्त प्रसिद्ध ‘सिवनी जम्बो सीताफल’ को जिले की कृषि अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल शुरू की गई है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर के प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की। सीताफल उत्पादन में अपार संभावनाएं कार्यशाला में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण आयुक्त सौरभ सुमन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सिवनी के सीताफल में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों से कृषक उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों के माध्यम से सामूहिक रूप से जुड़कर उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने की बात कही।उन्होंने स्थानीय युवाओं को सीताफल प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि जिले में रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकें।उत्पादन से लेकर विपणन तक किसानों को मिलेगा सहयोग कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जीआई टैग से मिली सिवनी जम्बो सीताफल की विशिष्ट पहचान का लाभ सीधे उत्पादक किसानों तक पहुंचाना है। किसानों को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, भंडारण, विपणन और निर्यात की गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा।उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर पंजीयन और लाइसेंस जैसी आवश्यक औपचारिकताओं के लिए भी किसानों को सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सीताफल उत्पादन से जुड़े किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल सकें। विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव कार्यशाला में महाराष्ट्र सीताफल महासंघ के अध्यक्ष श्याम गटानी और प्रगतिशील किसान विनय बोथरा ने सीताफल उत्पादन एवं विपणन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने किसानों के तकनीकी सवालों पर चर्चा करते हुए उपयोगी जानकारी प्रदान की। जिला प्रशासन की यह पहल ‘सिवनी जम्बो सीताफल’ को स्थानीय पहचान से आगे बढ़ाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने तथा किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।









