
रिपोर्टर – ओम सोनी
भवानीमंडी। पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया है। धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पहले, दूसरे और तीसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया की तिथियों में एक-एक दिन का संशोधन किया गया है। चौथे चरण का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित रहेगा।
आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के साथ पंच-सरपंच चुनाव की तिथियों में भी बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की तैयारियां की जाएंगी।
पहला चरण
– 21 अक्टूबर: जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्यों के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी।
– 22 अक्टूबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों का मतदान।
– 23 अक्टूबर: पंच-सरपंच के लिए नामांकन।
– 24 अक्टूबर: पंच-सरपंच मतदान एवं मतगणना।
– 25 अक्टूबर: उपसरपंच का चुनाव।
दूसरा चरण
– 27 अक्टूबर: पोलिंग पार्टियों की रवानगी।
– 28 अक्टूबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों का मतदान।
– 29 अक्टूबर: पंच-सरपंच के लिए नामांकन।
– 30 अक्टूबर: पंच-सरपंच मतदान एवं मतगणना।
– 31 अक्टूबर: उपसरपंच का चुनाव।
तीसरा चरण
– 2 नवंबर: पोलिंग पार्टियों की रवानगी।
– 3 नवंबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों का मतदान।
– 4 नवंबर: पंच-सरपंच के लिए नामांकन।
– 5 नवंबर: पंच-सरपंच मतदान एवं मतगणना।
– 6 नवंबर: उपसरपंच का चुनाव।
चौथे चरण का कार्यक्रम यथावत
चौथे चरण का चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए चारों चरणों में मतदान की तिथियां 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर निर्धारित हैं। वहीं पंच-सरपंच के लिए मतदान 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को होगा।
मतगणना और प्रमुख पदों का चुनाव
पंच एवं सरपंच के चुनाव की मतगणना मतदान वाले दिन ही कराई जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के मतों की गिनती निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बाद में होगी। सदस्यों के परिणाम घोषित होने के बाद प्रधान एवं जिला प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएगी।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार झालावाड़ जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।









