
रिपोर्टर – सतीश सिंह
मिर्जापुर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के मिर्जापुर जिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सवर्ण समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। संगठन ने ईडब्ल्यूएस व्यवस्था की विसंगतियों को दूर करने, सवर्ण आयोग का गठन करने तथा यूजीसी और एससी-एसटी अधिनियम से संबंधित मुद्दों पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।
ईडब्ल्यूएस के नियमों में बदलाव की मांग संगठन ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए निर्धारित पात्रता संबंधी नियमों में बदलाव की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र से संबंधित पात्रता शर्तों में संशोधन किया जाना चाहिए। साथ ही, आरक्षण की वर्तमान 10 प्रतिशत सीमा को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने तथा प्रमाणपत्र की वैधता अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने की मांग भी की गई है।
सवर्ण आयोग के गठन की मांग श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने सामान्य वर्ग के लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग की है। संगठन का कहना है कि आयोग के गठन से सामान्य वर्ग के लोग अपनी समस्याएं संबंधित मंच पर रख सकेंगे और उनके निराकरण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकेगा।
यूजीसी और एससी-एसटी अधिनियम पर पुनर्विचार की मांग संगठन ने यूजीसी से संबंधित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने तथा उन्हें लेकर सामान्य वर्ग के लोगों के बीच व्याप्त चिंताओं का समाधान करने की मांग की है। इसके साथ ही एससी-एसटी अधिनियम के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए संगठन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और निराधार आरोपों से प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की मांग की है।
संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में व्यक्तिगत विवाद एवं आपसी रंजिश के कारण कानूनों का दुरुपयोग होने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की अपील श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के मिर्जापुर जिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इन मांगों पर विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि सामान्य वर्ग की समस्याओं के समाधान, कानूनी प्रावधानों के निष्पक्ष क्रियान्वयन और सभी नागरिकों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।









