
मैनपुर के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में रिपोर्टर – टेलू राम कश्यप
मैनपुर। मैनपुर के सुदूर वनांचल में युवाओं को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 211वीं बटालियन द्वारा पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत स्थानीय युवक-युवतियों को पुलिस भर्ती की तैयारी कराने के साथ विभिन्न रोजगारोन्मुखी कौशलों का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ स्वरोजगार के वैकल्पिक अवसरों से भी जोड़ना है। प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मछली पालन, मुर्गी पालन, सिलाई, मधुमक्खी पालन और कंप्यूटर शिक्षा जैसे विषयों को शामिल करने की तैयारी है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल सीखने और भविष्य में रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
तीन थाना क्षेत्रों के युवाओं को मिला संयुक्त प्रशिक्षण मंच इस अभियान के तहत 12 अक्टूबर 2026 को जुगाड़ थाना क्षेत्र में संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधि आयोजित की गई। इसमें शोभा, इंदागांव और जुगाड़ क्षेत्र के विभिन्न सीआरपीएफ शिविरों में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों ने भाग लिया। तीनों क्षेत्रों के कंपनी कमांडरों की उपस्थिति में अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इस पहल के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर तैयारी कर रहे युवाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आपसी अनुभव साझा करने के अवसर मिल रहे हैं।
शारीरिक अभ्यास के साथ लिखित परीक्षा की तैयारी पुलिस भर्ती में शारीरिक दक्षता के साथ लिखित परीक्षा की तैयारी भी महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ के जवान जुगाड़ शिविर और इंदागांव क्षेत्र में अभ्यर्थियों को नियमित अभ्यास कराने में सहयोग दे रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण सुबह आठ बजे शुरू होता है। शुरुआती दो घंटे शारीरिक अभ्यास के लिए निर्धारित हैं। इसके बाद नाश्ते और विश्राम के उपरांत कक्षा में लिखित परीक्षा की तैयारी कराई जाती है।
इस नियमित दिनचर्या के माध्यम से अभ्यर्थियों को अनुशासन, शारीरिक क्षमता और अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जुगाड़ में 26 और इंदागांव में 16 युवक कर रहे तैयारी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुगाड़ शिविर में लगभग 26 अभ्यर्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, इंदागांव क्षेत्र में 16 युवक नियमित रूप से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। महिला अभ्यर्थी सरस्वती कश्यप भी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हैं। युवक-युवतियों की सहभागिता से स्थानीय स्तर पर भर्ती की तैयारी के लिए उपलब्ध अवसरों का विस्तार हो रहा है। प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन से अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण कार्यक्रम सहायक कमांडेंट निरंजन कुमार और चिरंजीव कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जुगाड़ शिविर में उपनिरीक्षक रणजीत सिंह, संजय कुमार पांडेय और अभिलाष लम्बा भी अभ्यर्थियों को शारीरिक अभ्यास एवं लिखित परीक्षा की तैयारी में सहयोग दे रहे हैं।
प्रशिक्षण से जुड़े अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि निरंतर अभ्यास से पांच से छह अभ्यर्थी पुलिस भर्ती प्रक्रिया में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम चयन निर्धारित पात्रता, भर्ती के मानकों और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
कंपनी कमांडर चिरंजीव कुमार एवं निरंजन कुमार ने क्षेत्र के इच्छुक युवक-युवतियों से इस पहल का लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक अभ्यर्थी जुगाड़ शिविर में पहुंचकर प्रशिक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी नौकरी के साथ स्वरोजगार पर भी जोर सीआरपीएफ की इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को वैकल्पिक आजीविका के अवसरों से परिचित कराना है। इसके लिए मछली पालन, मुर्गी पालन, सिलाई, मधुमक्खी पालन और कंप्यूटर शिक्षा से संबंधित प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन कौशलों के माध्यम से युवा स्थानीय संसाधनों के अनुरूप स्वरोजगार के अवसर तलाश सकते हैं। कंप्यूटर शिक्षा उन्हें डिजिटल सेवाओं और अन्य रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों में आगे बढ़ने में भी मदद कर सकती है। प्रशिक्षण को स्थायी आजीविका से जोड़ने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक संसाधनों और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।
कमांडेंट हरिओम खरे के मार्गदर्शन में पहल प्राप्त जानकारी के अनुसार, 211वीं बटालियन के कमांडेंट हरिओम खरे के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुरूप युवाओं के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस पहल के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था के साथ स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का विस्तार दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम मैनपुर के वनांचल में युवाओं को पुलिस भर्ती की तैयारी और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़ने का यह प्रयास स्थानीय स्तर पर अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। शोभा, इंदागांव और जुगाड़ के युवाओं को साझा प्रशिक्षण मंच उपलब्ध कराने से उन्हें नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन का लाभ मिल रहा है।
इस पहल की दीर्घकालीन सफलता प्रशिक्षण की निरंतरता, अधिक युवाओं की भागीदारी और रोजगार के वास्तविक अवसरों से जुड़ाव पर निर्भर करेगी। यदि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन भी मिलता है, तो वे अपनी योग्यता के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
सीआरपीएफ की 211वीं बटालियन की यह पहल युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, कौशल विकसित करने और उन्हें बेहतर भविष्य के अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।









