
रिपोर्ट: टेलू राम कश्यप
Gariaband जिले में संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) अभियान 3 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत लगभग 1 लाख 65 हजार हितग्राहियों का पहचान सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया 30 जून 2026 तक जारी रहेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ई-केवाईसी ग्राम पंचायत भवनों में तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, जिससे योजना की आगामी किश्तों का भुगतान नियमित रूप से सुनिश्चित हो सके।
नाम और आधार में समानता आवश्यक
विभाग ने हितग्राहियों को सलाह दी है कि योजना में दर्ज नाम और आधार कार्ड में अंकित नाम पूरी तरह समान होना चाहिए। वर्तनी में अंतर होने पर ई-केवाईसी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में लाभार्थियों को पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर विवरण का मिलान कराने और आवश्यकता होने पर समय रहते संशोधन कराने की सलाह दी गई है।
ऑपरेटरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
ई-केवाईसी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए वीएलई, सीएससी ऑपरेटरों एवं विभागीय कर्मचारियों का प्रशिक्षण जनपद स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम इस प्रकार हैं—
6 अप्रैल – गरियाबंद जनपद पंचायत
7 अप्रैल – छुरा जनपद पंचायत
8 अप्रैल – फिंगेश्वर जनपद पंचायत
9 अप्रैल – मैनपुर जनपद पंचायत
10 अप्रैल – देवभोग जनपद पंचायत
प्रशिक्षण में ई-केवाईसी की तकनीकी प्रक्रिया, आधार मिलान, डेटा एंट्री और त्रुटियों के समाधान से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
समयसीमा के भीतर सत्यापन जरूरी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी हितग्राही 3 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच निर्धारित केंद्रों पर जाकर अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी पूर्ण करें। इससे योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सकेगा।
यह अभियान योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र महिलाओं तक लाभ सुचारु रूप से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।









