
रिपोर्टर : अरविंद कोठारी
दिवा, 25 अगस्त 2026। ठाणे महानगरपालिका की ओर से दिवा शहर में चलाए जा रहे फेरीवाला सर्वेक्षण को लेकर दिवा शहर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने आपत्ति दर्ज कराई है। मनसे पदाधिकारियों ने संबंधित महानगरपालिका अधिकारियों से मुलाकात कर सर्वेक्षण प्रक्रिया में अपनाए जा रहे नियमों और दस्तावेजों की जांच को लेकर जानकारी मांगी। मनसे पदाधिकारियों के अनुसार, कुछ फेरीवालों के आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद उनका सर्वेक्षण किया गया है। वहीं, कुछ मराठी फेरीवालों द्वारा करीब 20 दिन पहले आवेदन और फॉर्म जमा किए जाने के बावजूद उनका सर्वेक्षण नहीं होने का दावा किया गया है। मनसे ने सभी आवेदनों की समान रूप से जांच करने की मांग की है। मनसे ने महाराष्ट्र का अधिवास प्रमाणपत्र सहित निर्धारित दस्तावेजों की जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही, उत्तर प्रदेश का राशन कार्ड संलग्न करने वाले कुछ फेरीवालों का सर्वेक्षण किए जाने के दावे की भी जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, फेरीवालों से कथित रूप से वसूली करने वाले व्यक्ति के सर्वेक्षण टीम के साथ मौजूद रहने के आरोप को लेकर भी मनसे ने अधिकारियों से जानकारी मांगी है। संगठन ने सर्वेक्षण प्रक्रिया में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। दिवा शहर मनसे ने ठाणे महानगरपालिका आयुक्त से सर्वेक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराने, अब तक जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करने तथा आवश्यकता होने पर सर्वेक्षण को नए सिरे से पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराने की मांग की है।मनसे ने कहा कि फेरीवाला सर्वेक्षण में सभी पात्र फेरीवालों को समान अवसर मिलना चाहिए और निर्धारित नियमों के अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना चाहिए। मामले में ठाणे महानगरपालिका प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।








