
रिपोर्टर – मोहम्मद अय्यूब शीशगर
इंदौर/झाबुआ/धार। धार जिले के रेल इतिहास में 8 सितंबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। आजादी के बाद पहली बार जिले में यात्री ट्रेन सेवा शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा से वर्चुअल माध्यम से प्रतापनगर-वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई मेमू यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन खंड का भी शुभारंभ हुआ।
टांडा रोड स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं धार-महू सांसद सावित्री ठाकुर मौजूद रहीं। ट्रेन के शुभारंभ को लेकर स्टेशन परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यस्थल की सुरक्षा प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार : सावित्री ठाकुर
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में कार्य करना प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है। कार्यस्थल पर सुरक्षा को प्राथमिकता देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी असुरक्षित स्थिति की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
जनजातीय अंचल के विकास को मिलेगी नई गति
झाबुआ से जोबट, टांडा और धार को रेल मार्ग से जोड़ने की दिशा में परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। धार निवासी राजेंद्र जैन ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि रेल कनेक्टिविटी से जनजातीय अंचल में आवागमन के साथ व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
18 साल 7 महीने बाद परियोजना का महत्वपूर्ण पड़ाव
छोटा उदयपुर-धार नई रेल लाइन परियोजना की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में रखी थी। अब करीब 18 साल 7 महीने बाद परियोजना के जोबट-टांडा रोड हिस्से में यात्री रेल सेवा शुरू हुई है।
करीब 157 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का उद्देश्य गुजरात और मध्यप्रदेश के आदिवासी एवं दूरदराज के क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ना है। टांडा रोड तक यात्री सेवा की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रेल कनेक्टिविटी के लिए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रयास
धार क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को लेकर जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों द्वारा लंबे समय से प्रयास किए जाते रहे हैं। वर्ष 2014 में सावित्री ठाकुर के सांसद बनने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर धार को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखी थी।
वर्ष 2019 में सांसद छतर सिंह दरबार ने भी केंद्र सरकार के समक्ष धार की रेल कनेक्टिविटी का विषय रखा। वर्ष 2024 में सावित्री ठाकुर के दोबारा सांसद चुने जाने और केंद्रीय राज्यमंत्री बनने के बाद भी रेल परियोजनाओं को लेकर प्रयास जारी रहे। धार रेल लाओ समिति एवं स्थानीय नागरिकों ने भी विभिन्न माध्यमों से रेल कनेक्टिविटी के लिए अपनी मांग रखी।
16 किलोमीटर नई रेल लाइन पर शुरू हुई यात्री सेवा
टांडा रोड से डेकाकुंड तक करीब 16 किलोमीटर नई रेल लाइन तैयार की गई है। इस रेल खंड के शुरू होने से टांडा रोड यात्री रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।
12 कोच वाली मेमू ट्रेन प्रतापनगर-वडोदरा और टांडा रोड के बीच संचालित होगी। इससे मध्यप्रदेश के धार एवं अलीराजपुर तथा गुजरात के वडोदरा एवं छोटा उदयपुर क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
धार शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी कार्य जारी
टांडा रोड के बाद तिरला-धार की ओर करीब 46 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य आगामी चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। धार शहर को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार-पीथमपुर कनेक्टिविटी पर भी कार्य जारी है। धार-पीथमपुर रेल लाइन का ट्रायल हो चुका है और नियमित यात्री सेवा की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
गुजरात से रेल मार्ग से जुड़ा क्षेत्र
टांडा रोड से यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने से गुजरात से जुड़े क्षेत्रों के यात्रियों को रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। वडोदरा सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन के लिए रेल का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हुआ है।
करीब आठ दशक के इंतजार के बाद धार जिले में यात्री रेल सेवा की शुरुआत को स्थानीय नागरिक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। टांडा रोड तक पहुंची पहली यात्री ट्रेन ने जिले के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है और क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा है।








