
रिपोर्ट – अमृत ईशी
पानसेमल। बालाघाट जिले में आदिवासी बैगा समाज के बच्चों की मृत्यु से जुड़े मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर आदिवासी कांग्रेस ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार सुनील सिसोदिया को ज्ञापन सौंपा। आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोंटा खेड़कर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि बालाघाट जिले में बच्चों की मृत्यु की घटना को लेकर वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच आवश्यक है। ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कराने की मांग की गई है।संगठन ने मांग की है कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा, सामाजिक एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में घटना से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रखी गई है। इस अवसर पर आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोंटा खेड़कर, ब्लॉक अध्यक्ष रवि पाटिल, पीसीसी सदस्य अजय मिश्रा, धुरसिंह खेड़कर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष लालसिंह पवार, जनपद सदस्य मोतीराम सोलंकी, महेश कुमार वर्मा, मिट्ठू अग्रवाल, नीलेश चौहान, बबलू रावत, नेवरसिंह सिंगोरिया, महेश चौहान, प्रकाश जैन, गोपाल भंडारी, गोरख बोरसे, सुरेश खलाने, चंपालाल नावड़े, सुभाषराव शितोले, मयूर परमार, जगन अप्पा, पप्पू राठौर, पीयूष चौधरी, सलमान खान, संजय नावड़े, बाबूलाल मोरे, जेलदार वसावे, दारासिंह सोलंकी, सायसिंह वड़वी, राजकुमार भोसले, कृष्णा पाटिल, जगदीश सेठिया, सुनील बरडे, संतोष चौहान, मोती गिरासे, सुरेश जाधव, प्रेम भोसले, नितिन खेड़कर, डेचरिया वड़वी, जितेंद्र चौहान, अनिल वास्कले एवं गणेश डुडवे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।









