
रिपोर्टर राहुल त्रिवेदी
विदिशा। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। इसी क्रम में विदिशा में भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर दीपा श्री गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख महेंद्र सोनी ने बताया कि प्रतिवर्ष 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। भगवान विश्वकर्मा को श्रमिक एवं शिल्पकार समाज का आराध्य माना जाता है। भारतीय मजदूर संघ अपनी स्थापना के समय से ही इस अवसर पर विश्वकर्मा पूजन, शोभायात्रा, श्रमिक बस्तियों में सेवा कार्य, संगोष्ठी एवं विचार गोष्ठियों सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है। लोहार, बढ़ई, राजमिस्त्री, मूर्तिकार, हथकरघा एवं हस्तशिल्प सहित निर्माण और उत्पादन क्षेत्र से जुड़े कारीगर इस दिन अपने औजारों का पूजन करते हैं। श्रमिक एवं शिल्पकार समाज के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों एवं शिल्पकारों के योगदान को सम्मान देने तथा भारतीय संस्कृति और श्रम परंपरा के अनुरूप 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय श्रमिक दिवस घोषित करने की मांग रखी है। ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से श्रमिकों और शिल्पकारों की इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया। संगठन का कहना है कि 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मान्यता मिलने से देश के करोड़ों श्रमिकों एवं शिल्पकारों के योगदान को सम्मान मिलेगा। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख महेंद्र सोनी एवं पेंशनर संघ के जिला संगठन मंत्री राजाराम यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।









