
रिपोर्टर – राजेश कौशल
अंतागढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अंतागढ़ दौरे को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। मुख्यमंत्री लामकन्हार स्थित एकलव्य विद्यालय के बिरसा मुंडा ऑडिटोरियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्रवासियों की नजर अंतागढ़, आमाबेड़ा और कोयलीबेड़ा से जुड़ी विभिन्न विकास संबंधी मांगों पर भी रही। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति को लेकर चर्चा कार्यक्रम के दौरान भाजपा के कुछ वरिष्ठ एवं पुराने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखे जाने तथा संगठनात्मक स्तर पर अपनी चिंताएं व्यक्त किए जाने की चर्चा रही। हालांकि प्रवेश व्यवस्था को लेकर संबंधित स्तर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग पर भी नजर मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अंतागढ़ को जिला बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग भी चर्चा में रही। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस विषय पर सरकार की ओर से कोई जानकारी अथवा घोषणा सामने आ सकती है। फिलहाल इस संबंध में कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है, जिसके बाद क्षेत्र में आगे की पहल को लेकर चर्चाएं जारी हैं। बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की अपेक्षा अंतागढ़, आमाबेड़ा और कोयलीबेड़ा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पेयजल, सिंचाई और संचार जैसी सुविधाओं के विस्तार की स्थानीय स्तर पर मांगें रही हैं। क्षेत्रवासियों की अपेक्षा है कि इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्थानीय लोगों की नजर विधायक विक्रम उसेंडी और सांसद भोजराज नाग सहित जनप्रतिनिधियों की आगामी पहल पर भी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग तथा आमाबेड़ा-कोयलीबेड़ा सहित पूरे क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष निरंतर रखा जाना चाहिए। संगठनात्मक समन्वय भी चर्चा में मुख्यमंत्री के दौरे के बाद स्थानीय संगठन में समन्वय से जुड़े विषयों पर भी चर्चाएं सामने आई हैं। कुछ स्तरों पर आपसी मतभेदों की बातें कही जा रही हैं, हालांकि इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब क्षेत्रवासियों की नजर सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आगामी पहल पर है। मुख्यमंत्री का दौरा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सहभागिता के लिए था, लेकिन इसके बाद अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग, क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक समन्वय से जुड़े विषय स्थानीय चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।









