
रिपोर्टर – वाई.एस. जांगड़े
सक्ती। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से संबंधित दावों की जांच की मांग की है। ज्ञापन AAP जिला सक्ती के जिला उपाध्यक्ष एवं चंद्रपुर विधानसभा प्रभारी रोहित यादव के नेतृत्व में सौंपा गया। ज्ञापन में पार्टी की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी रखी गई है। भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्तमान में ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं। मतदाता सूची के ऑडिट की मांग AAP पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों और हटाए गए नामों की समीक्षा की जानी चाहिए। पार्टी ने मतदाता सूची से संबंधित आंकड़ों का ऑडिट कराने तथा पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करने की मांग रखी। AAP का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए पुनरीक्षण के दौरान यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित होता है तो उसे आपत्ति दर्ज कराने, सुनवाई और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलना चाहिए। आयोग ने बताया SIR का उद्देश्य भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। आयोग ने SIR के लिए मतदाताओं, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों की सहभागिता पर भी जोर दिया है। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR-2026 के तहत अंतिम SIR में नाम खोजने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग रोहित यादव ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच, आवश्यक सुधार और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच स्पष्ट संवाद और जवाबदेही आवश्यक है। SIR को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े वास्तविक आंकड़ों, दावों और आधिकारिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।









