
रिपोर्टर: महेश शर्मा
ब्यावरा। आस्था, शक्ति और भक्ति के महापर्व शारदीय नवरात्रि का समापन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। नौ दिनों तक पूजा पंडालों और घरों में मां दुर्गा की विधि-विधान से आराधना करने के बाद श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण में माता रानी को विदाई दी। क्षेत्र की प्रमुख अजनार नदी के घाट पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के अनुरूप संपन्न हुआ। इस दौरान ‘मैया की जय’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से विसर्जन घाट गूंज उठा।
सुबह से शुरू हुआ प्रतिमा विसर्जन विसर्जन के अवसर पर सुबह विभिन्न पूजा पंडालों में हवन-पूजन और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, खुशहाली और परिवार की मंगलकामना की। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया और माता रानी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए रवाना किया गया।
ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमे श्रद्धालु शहर के प्रमुख मार्गों से निकली माता रानी की विसर्जन शोभायात्रा में भक्तिभाव और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। शोभायात्रा में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने माता रानी को सिंदूर अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
नौ दिनों तक चले नवरात्रि उत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर से माता रानी के आगमन की कामना की। पूरे आयोजन में भक्ति, आस्था और धार्मिक परंपराओं के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।









