
रिपोर्ट: भगवान सिंह चौहान
सनावद। संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज धाम पर शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रद्धा का ऐतिहासिक सैलाब देखने को मिला। महंत जी के कथन अनुसार शरद पूर्णिमा की रात लगभग डेढ़ से 2 लाख भक्तों ने समाधि स्थल पर माथा टेककर दर्शन किए। पूरे मध्यप्रदेश सहित महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात से भी श्रद्धालु सिंगाजी महाराज की समाधि स्थल पर पहुंचे।
पिछले 10 दिनों से धाम पर भव्य मेले का आयोजन चल रहा है। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। शरद पूर्णिमा की रात विशेष महाआरती और खीर प्रसाद का वितरण किया गया। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर सिंगाजी महाराज की समाधि के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
रात भर भजन-कीर्तन, संत समागम और धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। ढोल-ताशों और जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। भक्तों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवक तैनात रहे। प्रशासन द्वारा पेयजल, चिकित्सा शिविर, पार्किंग और लाइट की विशेष व्यवस्था की गई थी।
महंत जी ने बताया कि शरद पूर्णिमा सिंगाजी महाराज का प्रमुख पर्व है। इस दिन समाधि पर चंद्रमा की रोशनी में विशेष पूजा होती है। हजारों भक्तों ने रात भर जागकर भजन किए और दीप प्रज्वलित कर आस्था प्रकट की। मेला अभी 2-3 दिन और चलेगा।








