
रिपोर्ट — भगवान सिंह
क्षेत्र में एनटीपीसी सेल्दा पावर प्लांट से राख (ऐश) का परिवहन करने वाले डंपरों को लेकर स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ वाहनों से सड़क पर राख गिरने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए और पैदल श्रद्धालु इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने राख परिवहन करने वाले वाहनों की गति और लोडिंग व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं एवं आम राहगीरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या के संबंध में पूर्व में भी शासन और प्रशासन को मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया गया है। उन्होंने संबंधित विभागों से वाहनों की नियमित जांच, निर्धारित क्षमता के अनुसार परिवहन और सड़क पर राख के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वाहनों से राख उड़ने के कारण विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनती है। नागरिकों ने राख परिवहन करने वाले वाहनों को ढककर चलाने तथा निर्धारित गति और क्षमता के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
सावन माह को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से कांवड़ यात्रियों और अन्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मार्ग पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभाग से वाहनों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि परिवहन व्यवस्था को नियमों के अनुरूप संचालित किया जाए और सड़क पर राख के फैलाव को रोकने के प्रभावी उपाय किए जाएं, तो आम लोगों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में बेहतर सुविधा मिल सकती है।









