
रिपोर्टर मनीष खण्डेलवाल
वारासिवनी। शासकीय सीनियर अ.जा. बालक छात्रावास वारासिवनी में तहसील विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में विधिक जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजयराज ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों को करियर चयन, संविधान, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं कानून की बुनियादी जानकारी दी गई। श्री संजयराज ठाकुर ने विद्यार्थियों को करियर चयन में अपनी रुचि एवं क्षमता को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक विद्यार्थियों की रुचि एवं क्षमता को लंबे समय से देखते हैं, इसलिए करियर चयन में उनकी सलाह को भी समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोच-समझकर विषय का चयन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने करियर के साथ संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी भी होनी चाहिए। संविधान के आधार पर प्रशासन, न्यायपालिका सहित विभिन्न संस्थाएं कार्य करती हैं। कानून की सामान्य जानकारी विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उपयोगी हो सकती है। एलएलबी से खुलते हैं करियर के अवसर विधि शिक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि स्नातक के बाद एलएलबी करने से प्रॉसिक्यूशन, विधिक सेवा, न्यायालयीन कार्य, जेलों में विधिक सहायता तथा बैंकों एवं कंपनियों में लीगल एडवाइजर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी व्यक्ति को जागरूक नागरिक बनने में भी मदद करती है। यातायात नियम और मोबाइल उपयोग में सावधानी विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए ड्राइविंग लाइसेंस, निर्धारित उम्र, हेलमेट, वाहन पंजीयन एवं बीमा के महत्व के बारे में बताया गया। कम उम्र में वाहन चलाने और दुर्घटना की स्थिति में कानूनी प्रावधानों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी गई। मोबाइल के उपयोग को लेकर विद्यार्थियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्हें पढ़ाई एवं ज्ञानवर्धन के लिए मोबाइल का उपयोग करने तथा किसी फोटो, वीडियो या संदेश को सत्यता एवं प्रकृति की जानकारी के बिना आगे प्रसारित नहीं करने के लिए कहा गया। साइबर कानूनों के सामान्य प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। पढ़ाई के साथ प्रतिभा को भी निखारें कार्यक्रम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। चित्रकला, गायन, वादन, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं खेलकूद में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए। विभिन्न गतिविधियों में प्राप्त प्रमाण-पत्र भविष्य में उपयोगी हो सकते हैं। सभी विद्यार्थियों को समान अवसर देने के लिए सीटों के रोटेशन की उपयोगिता भी बताई गई। इससे विद्यार्थियों को शिक्षक की बात सुनने, प्रश्न पूछने और अपनी झिझक दूर करने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से मजबूत बनने तथा अपने आसपास की गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई। इस अवसर पर छात्रावास अधीक्षक विशाल वाहने, न्यायालय विभाग से राहुल धुर्वे तथा छात्रावास स्टाफ से उदयलाल तुरकर, सुरेश बारेकर एवं जितेन्द्र पटले उपस्थित रहे।









