
रिपोर्टर – जितेंद्र तिवारी
सागर। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की संवैधानिक संस्थाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी भी आपत्ति को तथ्यों एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से सामने रखा जाना चाहिए सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला महामंत्री चेतराम अहिरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिराम सिंह एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र पाठक उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने किया एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की बात हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को आयोग की किसी प्रक्रिया या निर्णय पर आपत्ति है तो संवैधानिक एवं न्यायिक मंचों पर अपना पक्ष रखा जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस से आरोपों के स्थान पर संबंधित तथ्यों को जनता के सामने रखने की अपील की।फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने की प्रक्रिया राजपूत ने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था है। पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को व्यवस्थित रखने और पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है।चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए सवालों पर प्रतिक्रिया पत्रकार वार्ता में हीरा सिंह राजपूत ने ईवीएम एवं चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस द्वारा समय-समय पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित किसी भी शिकायत को प्रमाण एवं निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के साथ संबंधित मंच पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन पर निर्णय देती है और सभी राजनीतिक दलों के लिए जनता के जनादेश का सम्मान महत्वपूर्ण है। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर जोर राजपूत ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के साथ अपने विषयों को उचित मंच पर रखें। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है और अपनी बात जनता के सामने रख सकता है, वहीं चुनाव प्रक्रिया से संबंधित विषयों पर निर्धारित संवैधानिक माध्यमों का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, संसद और न्यायपालिका जैसी संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके संबंध में किसी भी विषय पर तथ्यात्मक एवं पारदर्शी चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करती है। जिला मीडिया सह प्रभारी आलोक केशरवानी ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया।









