
रिपोर्टर – दिलीप माहेश्वरी
बलौदा बाजार। भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री आनंद यादव ने चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से चुनाव आयोग और देश से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और तथ्यों का सम्मान आवश्यक है। श्री यादव ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण में बताया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित आयोग के सभी प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। 26 सितंबर को आयोग की ओर से जारी बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मति का उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद राजनीतिक दलों और आमजन के बीच चल रही चर्चाओं को तथ्यों के आधार पर समझने का अवसर मिला है। श्री यादव ने कांग्रेस से संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में अपने बयानों पर पुनर्विचार करने की अपील की। SIR को लेकर आयोग ने स्थिति की स्पष्ट चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े निर्णयों को लेकर तीनों आयुक्तों की स्वीकृति रही है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आयुक्तों द्वारा किसी विषय पर सुझाव या विचार रखे जाना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम निर्णय आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए। श्री यादव ने कहा कि चुनाव संबंधी विषयों पर राजनीतिक दलों और नागरिकों को आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति संवाद और तथ्यपरक चर्चा लोकतंत्र को मजबूत करने में सहायक होती है। उन्होंने राहुल गांधी से चुनाव आयोग और देश से माफी मांगने की मांग दोहराते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में दिए गए बयानों के संदर्भ में सामने आए आधिकारिक तथ्यों का सम्मान किया जाना चाहिए।








