
रिपोर्टर : दिलीप नेताम
देवभोग। नगर पंचायत देवभोग में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां नवदुर्गा की आराधना और भव्य सजावट का मनमोहक दृश्य देखने को मिल रहा है। यहां मां दुर्गा का आकर्षक पंडाल भगवान केदारनाथ धाम की हूबहू झलक प्रस्तुत कर रहा है। इसकी सुंदर कलाकृति और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
देवभोग की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं क्षेत्र की विशेष पहचान हैं। नगर सहित आसपास के ग्राम पंचायतों और गांवों में आकर्षक साज-सज्जा के साथ देवी-देवताओं की आराधना की जा रही है। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। देवभोग निवासी माधव उर्फ महादेव अपनी पारंपरिक कला और आजीविका के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज लंबे समय से देवी-देवताओं की मूर्तियां बनाने का कार्य करते आ रहे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे मिट्टी के खिलौने, दीये, गुल्लक और गुड्डे-गुड़िया सहित विभिन्न कलात्मक वस्तुएं तैयार करते हैं।
उन्होंने बताया कि मिट्टी से वस्तुएं बनाना उनके परिवार की पारंपरिक कला है, जिसके माध्यम से वे अपनी आजीविका चलाते हैं। मां दुर्गा की आराधना और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी यह परंपरा स्थानीय संस्कृति को भी समृद्ध कर रही है। पुजारी ने बताया कि देवभोग की धरती पर देवी-देवताओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था रही है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और प्रेम के साथ मां के चरणों में फल-फूल, प्रसाद और विभिन्न भेंट अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से की गई प्रार्थना और सेवा से भक्तों को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
भगवान केदारनाथ धाम की प्रतिकृति के रूप में तैयार किया गया पंडाल इस वर्ष के नवरात्र उत्सव का विशेष आकर्षण बना हुआ है। इसकी सजावट और धार्मिक स्वरूप श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम की दिव्य अनुभूति करा रहे हैं
इस धार्मिक आयोजन में गौहरापदर के निरंजन अवस्थी, पंडित चंद्र प्रकाश शर्मा, संजय शर्मा, शिवा शर्मा, किशोर सिन्हा, कार्यकर्ता जोजन सिंह तथा श्रीमती दुलारी सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं और सहयोगियों का योगदान है।
मां नवदुर्गा का भव्य दरबार देवभोग में धार्मिक आस्था, लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम प्रस्तुत कर रहा है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर उत्सव का आनंद ले रहे हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।









