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किसानों की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर किसान स्वराज संगठन ने सौंपा ज्ञापन

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Bureau Report

रिपोर्टर- राहुल पवार

मक्का, सोयाबीन और धान की MSP पर खरीदी सहित सड़क, बिजली, सिंचाई और कर्जमाफी की मांग सीहोर/भैरूंदा। किसान स्वराज संगठन जिला सीहोर ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फसल खरीदी, बिजली, सिंचाई, खाद की उपलब्धता, सड़क, कर्जमाफी सहित किसानों से जुड़ी कुल 15 प्रमुख मांगें रखी गईं। संगठन ने मक्का का पंजीयन शुरू कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सोयाबीन और धान की फसल की भी MSP पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। सोयाबीन की फसल प्रभावित गांवों में सर्वे कराकर किसानों को नियमानुसार मुआवजा और बीमा राशि उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। ज्ञापन में दूध का रेट 12 रुपए प्रति फैट करने और मध्यप्रदेश में MSP गारंटी कानून लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री खेत तारबंदी योजना और कुसुम योजना के लिए राशि जारी करने की मांग भी रखी गई। खाद और बिजली की व्यवस्था की मांग किसान स्वराज संगठन ने सीहोर जिले में DAP, यूरिया, TSP सहित सभी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार दिन में 10 घंटे और रात में 6 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। संगठन ने प्रदेश के किसानों को कर्जमुक्त करने तथा आगामी रबी सीजन से पहले गांवों में खेतों तक तार, पोल और ट्रांसफार्मर से जुड़ी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की। किसान-सरकार समन्वय समिति बनाने की मांग ज्ञापन में प्रदेश और जिला स्तर पर किसान एवं सरकार के बीच समन्वय समिति गठित करने की मांग की गई। संगठन के अनुसार इससे किसानों के सुझाव और समस्याएं सीधे शासन तक पहुंच सकेंगी तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सकेगी। भैरूंदा-संदलपुर मार्ग की मरम्मत की मांग संगठन ने भैरूंदा-संदलपुर मार्ग की मरम्मत की मांग भी उठाई। ज्ञापन में मार्ग पर गड्ढों और धूल के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का उल्लेख करते हुए सड़क की आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की गई।गोपालपुर सिंचाई परियोजना को लेकर जांच की मांग गोपालपुर क्षेत्र की नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना को लेकर संगठन ने निर्माण कार्य की प्रगति की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य करीब 10 वर्षों से चल रहा है और अभी तक कार्य अपेक्षित गति से पूरा नहीं हुआ है। संगठन ने परियोजना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा इसे शीघ्र पूरा कराने की मांग की।इसके अलावा तवा डेम की तर्ज पर कोलार डेम का पानी मूंग की फसल के लिए किसानों को उपलब्ध कराने तथा आवलीघाट से कोलार डेम होते हुए झोलियापुर क्षेत्र तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजना स्वीकृत करने की मांग भी रखी गई। किसान स्वराज संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से सभी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। संगठन ने कहा कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर किसानों के हित में आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा।

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