
रिपोर्टर – राहुल पवार
80 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर पुलिस ने ट्रेस किया रूट, राजस्थान पुलिस के सहयोग से हुई कार्रवाई शिवहरे पेट्रोल पंप के सामने से चोरी हुए करीब 57 लाख रुपये कीमत के हाईवा डंपर को भैरूंदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 12 घंटे के भीतर राजस्थान के अकलेरा से बरामद कर लिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर डंपर के संभावित रूट को ट्रेस किया और राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को अंजाम दिया। डंपर को रोकने के दौरान चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। पेट्रोल पंप के सामने खड़ा था डंपर पुलिस के अनुसार 19 सितंबर को दिगवाड़ निवासी अरविन्द सिंह तोमर ने थाना भैरूंदा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका हाईवा डंपर क्रमांक MP 37 ZL 9666, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 57 लाख रुपये है, शिवहरे पेट्रोल पंप के सामने खड़ा था। अज्ञात व्यक्ति डंपर लेकर चला गया। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 544/26, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। 80 CCTV कैमरों से मिला सुराग मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी रोशन कुमार जैन के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक घनश्याम दांगी और उपनिरीक्षक राजेश यादव के नेतृत्व में दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों की मदद से जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान करीब 80 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे डंपर के संभावित मार्ग की जानकारी मिली। इसके बाद कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित राज्यों के पुलिस थानों को भी तत्काल सूचना दी गई। अकलेरा पुलिस की मदद से डंपर बरामद भैरूंदा पुलिस ने राजस्थान बॉर्डर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसी दौरान राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा थाना पुलिस के सहयोग से चोरी हुए हाईवा डंपर को रोककर बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान डंपर चालक रात के अंधेरे का लाभ लेकर मौके से चला गया। पुलिस ने MP 37 ZL 9666 हाईवा डंपर को विधिवत जब्त कर लिया है। फरार चालक की पहचान एवं तलाश के लिए पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका पूरी कार्रवाई में निरीक्षक घनश्याम दांगी, उपनिरीक्षक राजेश यादव, प्रधान आरक्षक लोकेश रघुवंशी, मुकेश उईके, प्रकाश, सतेन्द्र जाट, आरक्षक रविन्द्र मेहर, सतेन्द्र दोहरे सहित साइबर सेल सीहोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









