
भोपाल, 14 सितंबर 2026। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रांत मंत्री श्री केतन चतुर्वेदी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदरसिंह परमार से भेंट कर छात्रसंघ चुनावों की बहाली तथा शासकीय महाविद्यालयों की मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने सहित विभिन्न छात्रहितैषी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
यह कार्यक्रम अभाविप के प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिला केंद्रों पर प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
शासकीय महाविद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशालाओं, ग्रंथालयों एवं आधुनिक डिजिटल कक्षाओं के विस्तार की मांग रखी। इसके साथ ही ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, परिवहन और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा इन कार्यों के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
छात्रसंघ चुनावों की बहाली पर जोर
अभाविप ने छात्रसंघ चुनावों को विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और लोकतांत्रिक सहभागिता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। संगठन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के साथ-साथ छात्र समस्याओं को विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।
मंत्री के साथ सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा
इस अवसर पर छात्रसंघ चुनाव सहित विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अभाविप पदाधिकारियों के साथ सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यार्थियों की भावनाओं, शैक्षणिक हितों और लोकतांत्रिक सहभागिता से जुड़े विषयों को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखा।
सरकार की ओर से विद्यार्थियों के हितों और उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सशक्त एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में उचित विचार एवं सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।
मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई की अपेक्षा जताई। अभाविप ने कहा कि छात्रसंघ चुनावों की बहाली और शासकीय महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार विद्यार्थियों के व्यापक हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। संगठन ने शासन से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की।









