
रिपोर्टर – सुनील मालवीय
छापीहेड़ा। स्व. बद्रीलाल मुंजा (कुंडीवाला) के निधन के बाद उनके परिवार ने मानव सेवा की प्रेरणादायी मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। उनके पुत्र मुकेश और राकेश मुंजा ने नवज्योति नेत्रदान समिति, जीरापुर से संपर्क कर नेत्रदान की सहमति दी। परिवार की सहमति के बाद नवज्योति नेत्रदान समिति की अध्यक्ष पूजा गुप्ता के प्रयासों से इंदौर स्थित शंकरा नेत्रालय की विशेषज्ञ टीम, अनिल गोरे के नेतृत्व में, छापीहेड़ा स्थित निवास पर पहुंची। देर रात परिवारजनों की उपस्थिति में नेत्रदान की प्रक्रिया विधिवत संपन्न कराई गई। प्राप्त नेत्रों से दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है। परिवार द्वारा लिए गए इस मानवीय निर्णय की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। विशेष रूप से राकेश मुंजा ने पहले से ही नेत्रदान का संकल्प लिया हुआ था, जिसे परिवार ने आगे बढ़ाते हुए अपने पिता के नेत्रदान का निर्णय लिया। यह छापीहेड़ा का पहला नेत्रदान और जिले का 23वां नेत्रदान बताया गया है। इस पहल ने समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया है।नवज्योति नेत्रदान समिति की अध्यक्ष पूजा गुप्ता ने स्व. बद्रीलाल मुंजा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेत्रदान के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में उजाला पहुंचाना मानव सेवा का प्रेरणादायी कार्य है। स्व. बद्रीलाल मुंजा का यह योगदान समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सदैव प्रेरणा देता रहेगा।









