
रिपोर्टर अमित गुप्ता
धर्म पताका लेकर प्रतिदिन निकल रही प्रभात फेरी, मंदिर-मंदिर हो रहा पूजन-अर्चन; वर्षों से जारी है भक्ति और साधना का यह क्रम कुरवाई। नगर में ब्रह्ममुहूर्त की बेला अब भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आती है। प्रतिदिन तड़के जब नगरवासी अपने दिन की शुरुआत की तैयारी करते हैं, उस समय ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ के तारक महामंत्र का संकीर्तन वातावरण को भक्तिमय बना देता है। कुछ निष्ठावान भक्तों द्वारा शुरू की गई प्रभात फेरी आज दर्जनों श्रद्धालुओं की नियमित सहभागिता के साथ धार्मिक एवं सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बन गई है। इस प्रभात फेरी की विशेषता श्रद्धालुओं का निरंतर संकल्प और समर्पण है। वर्षों से प्रतिदिन श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त में एकत्रित होकर हाथों में मंजीरे और धर्म पताका लेकर संकीर्तन करते हुए नगर भ्रमण करते हैं। समय के साथ इस धार्मिक परंपरा से युवा, वरिष्ठ नागरिक और विभिन्न वर्गों के लोग भी जुड़ते गए हैं। प्रभात फेरी का स्वरूप भक्तिमय और अनुशासित रहता है। सबसे आगे श्रद्धालु धर्म पताका लेकर चलते हैं। इसके पीछे ढोलक की मधुर थाप, करताल और मंजीरों की खनक के साथ श्रद्धालु सामूहिक रूप से ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ का संकीर्तन करते हैं। प्रभात फेरी नगर के प्रमुख मार्गों, मोहल्लों और गलियों से होते हुए विभिन्न प्राचीन एवं प्रमुख देवालयों तक पहुंचती है। देवालयों में पहुंचकर श्रद्धालु विधिवत पूजन-अर्चन और सामूहिक आरती करते हैं। इस दौरान नगर एवं क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की जाती है। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए आध्यात्मिक शांति और भक्ति का अनुभव करते हैं। प्रभात फेरी से जुड़ रहे युवाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता इस परंपरा को और व्यापक बना रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि नियमित सामूहिक संकीर्तन से नगर में आध्यात्मिक वातावरण के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता की भावना को भी बल मिल रहा है। बिना किसी औपचारिक आयोजन के, श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता से वर्षों से जारी यह प्रभात फेरी कुरवाई की धार्मिक परंपरा का हिस्सा बन चुकी है। प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ निकलने वाली यह प्रभात फेरी नगर में भक्ति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दे रही है।









