
रिपोर्टर : महाराज सिंह सूर्यवंशी
श्रद्धालुओं ने किया कलश पूजन, संत रविदास जी के समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को अपनाने का लिया संकल्प ग्यारसपुर/मानोरा। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर आयोजित समरसता संकल्प कलश यात्रा सोमवार को ग्यारसपुर पहुंची। यात्रा के पहुंचने पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिकजनों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक हरी सिंह रघुवंशी ने कलश की विधिवत पूजा-अर्चना कर संत रविदास जी का स्मरण किया। विधायक हरी सिंह रघुवंशी ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए तथा उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक महाराज सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि समरसता संकल्प कलश यात्रा जैसे आयोजन सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कलश पूजन में बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु कलश पूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अजय गुर्जर, शिवराज रघुवंशी, मोतीलाल अहिरवार, इमलिया बासौदा मंडल महामंत्री रामकरण अहिरवार, जगदीश अहिरवार, हुकुमचंद सूर्यवंशी, ज्ञान सिंह अहिरवार, राजू कुशवाहा, सरपंच नरसिंह दास बैरागी, कीरत सिंह अहिरवार, दंगल सिंह अहिरवार, चिरंजी लाल अहिरवार, हुकमलाल अहिरवार, गणेशाराम अहिरवार, परमलाल अहिरवार, प्रकाश अहिरवार, कमल सिंह अहिरवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सामाजिकजन उपस्थित रहे। मानोरा में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ स्वागत ग्यारसपुर के बाद समरसता संकल्प कलश यात्रा ग्राम मानोरा पहुंची। यहां रविदास भक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर बस स्टैंड से रविदास धर्मशाला तक पहुंचे। यहां विधि-विधान से कलश पूजन एवं आरती की गई। इस दौरान संत लक्ष्मण दास एवं संत ओंकार दास भी यात्रा के साथ पहुंचे। संतों ने श्रद्धालुओं को संत रविदास जी के जीवन, विचारों और समाज को दिए गए समानता एवं समरसता के संदेश से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने मानवता, समानता और आपसी सद्भाव का मार्ग दिखाया। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के विचारों को जीवन में अपनाने तथा सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया।









