
रिपोर्टर निरंजन राठौर
विदिशा। राधा अष्टमी के पावन पर्व को लेकर शहर के राधिका कुंज स्थित प्राचीन राधारानी मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 19 सितंबर को राधा अष्टमी महा महोत्सव के अवसर पर मंदिर के पावन पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। वर्ष में एक बार होने वाले इन विशेष दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।मंदिर परिसर एवं प्रवेश द्वार को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। मंदिर के सेवकों द्वारा प्रवेश द्वार पर नोटों से विशेष सजावट की गई है। वहीं राधारानी के विशेष श्रृंगार की तैयारियां भी चल रही हैं। राधा अष्टमी के अवसर पर राधारानी को सोने-चांदी के आभूषणों से सजाया जाएगा।विशेष आरती और पूजन का आयोजन महोत्सव के दौरान सेवादारों द्वारा राधारानी की विशेष आरती की जाएगी। इस अवसर पर भक्ति वेदांत ओडिशा से विशेष रूप से शामिल होंगे। आरती एवं पूजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंजायमान रहेगा।राधिका कुंज के पुजारी पंडित राकेश शर्मा ने बताया कि राधारानी के पावन पट वर्ष में केवल एक बार श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। वर्षभर मंदिर में राधारानी की नियमित सेवा, पूजा एवं भोग की परंपरा निभाई जाती है। राधा अष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना, श्रृंगार और आरती का आयोजन किया जाता है।
घर में तैयार प्रसाद का लगाया जाता है भोग
पंडित राकेश शर्मा ने बताया कि राधा अष्टमी के अवसर पर घर में तैयार किए गए प्रसाद का ही भोग राधारानी को अर्पित किया जाता है। मंदिर की परंपरा के अनुसार बाहर से लाए गए प्रसाद का भोग नहीं लगाया जाता। राधा अष्टमी के विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के राधिका कुंज पहुंचने की संभावना है। भक्त राधारानी के पावन दर्शन के साथ विशेष पूजा एवं आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करेंगे।









