
रिपोर्टर राजेश यादव
सरदारपुर तहसील में नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के अंतर्गत शामिल 66 ग्रामों में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और रबी फसल से पहले किसानों को नर्मदा जल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुधवार को विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम अनुविभागीय अधिकारी अजमेरसिंह गौड़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरदारपुर तहसील के सिंचाई तालाबों में नर्मदा जल उपलब्ध कराने तथा परियोजना के शेष कार्यों को रबी फसल के पूर्व पूरा करने की मांग की गई। साथ ही कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने का अनुरोध भी किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि नर्मदा-झाबुआ-थांदला-पेटलावद-सरदारपुर माइक्रो सिंचाई परियोजना का कार्य वर्ष 2018 में प्रारंभ हुआ था और इसे वर्ष 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। परियोजना के अंतर्गत 66 ग्रामों में विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। किसानों ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। वर्तमान में रबी फसल की तैयारी को देखते हुए किसानों के लिए सिंचाई जल की आवश्यकता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए परियोजना के अंतर्गत निर्मित सिंचाई तालाबों को नर्मदा जल से भरकर उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए आवश्यक टेस्टिंग प्रक्रिया समय पर पूरी करने की मांग की गई। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मांग की कि सभी 66 ग्रामों में परियोजना के कार्यों की ग्रामवार समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए। साथ ही पूर्ण एवं निर्माणाधीन कार्यों की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं, ताकि किसानों को योजना का बेहतर लाभ मिल सके। ज्ञापन में पाइपलाइन, पंपिंग स्टेशन, वितरण लाइन, वाल्व, आउटलेट सहित अन्य तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने की मांग भी की गई। विधायक ने कहा कि वर्तमान वर्षा की स्थिति को देखते हुए परियोजना के कार्यों को विशेष अभियान के माध्यम से रबी सीजन से पहले पूरा किया जाना आवश्यक है। इससे सरदारपुर तहसील के किसानों को नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने धार जिले में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी रखी। इस दौरान अनोखीलाल पाटीदार, रतनलाल पडियार, प्रभुलाल जाट, गोपाल डामर, राधेश्याम चौधरी, आत्माराम सिंगार, सुयश वैष्णव, सुखराम मेडा, दरियावसिंह भूरिया, सोनू रघुवंशी, जितेंद्र सिंगार, संतोष भाबर, मयाराम मेडा, राधेश्याम जाट, श्रवण जाट सहित किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।









