
रिपोर्टर – अर्जुन ठाकुर
दमोह/झलौन। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सान्निध्य में नामांकुर संस्था महाराणा प्रताप जन कल्याण शिक्षण संघ, सेक्टर झलौन के तत्वावधान में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति झलौन के अंतर्गत प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षों के महत्व और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत एमपी इंटरनेशनल स्कूल ग्राउंड से कदम के वृक्ष तक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने प्रकृति संरक्षण और वृक्षों के महत्व के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। इसके पश्चात कदम के वृक्ष का विधिवत पूजन एवं दीप प्रज्वलन किया गया।
वृक्ष पूजन के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक श्री दीपचंद मालवीय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में वृक्ष पूजन एवं दीप प्रज्वलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पेड़-पौधे हमें शुद्ध वायु प्रदान करने के साथ ही पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा प्राकृतिक संपदा एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
जनभागीदारी से मिला प्रकृति संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों, कन्याओं, विद्यालय के छात्र-छात्राओं, बुजुर्ग महिलाओं, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
संस्था पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित इस अवसर पर नामांकुर संस्था महाराणा प्रताप जन कल्याण शिक्षण संघ के अध्यक्ष श्री पुष्पेंद्र सेन, सचिव श्री राजेंद्र साहू, संस्था के सदस्यगण, दशरथ आचार्य, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति झलौन के प्रतिनिधि तथा ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, समिति सदस्यों एवं ग्रामीणजनों का सराहनीय सहयोग रहा।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव श्री राजेंद्र साहू ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों, मातृशक्ति, छात्र-छात्राओं एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने, वृक्षों का सम्मान करने और सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रेरणादायक संदेश दिया। प्रकृति का संरक्षण ही जीवन का संरक्षण है।









