
रिपोर्टर : राजेश दास
पखांजूर। ग्राम पंचायत पित्तेभोड़ियां में लंबे इंतजार के बाद जिओ नेटवर्क का टावर शुरू हो गया है, लेकिन टावर शुरू होने के करीब एक सप्ताह बाद भी ग्रामीणों को अपेक्षित इंटरनेट और कॉलिंग सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि टावर शुरू होने के बाद नेटवर्क में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन इंटरनेट की गति में अभी पर्याप्त बदलाव नहीं आया है।ग्रामीणों के अनुसार मोबाइल इंटरनेट का उपयोग करने के लिए कई बार उन्हें घरों से बाहर जाना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचने के बाद भी इंटरनेट की गति सामान्य नहीं हो पाती। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमाह करीब 300 से 350 रुपये का रिचार्ज कराने के बावजूद डाटा का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। पित्तेभोड़ियां और आश्रित गांव पीवी-118 रतनपुर में मोबाइल इंटरनेट की सुविधा बेहतर नहीं होने से विद्यार्थियों, व्यापारियों और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ऑनलाइन पढ़ाई में आ रही दिक्कत ग्राम पीवी-118 रतनपुर के उपाध्यक्ष प्रशांत कर्मकार ने बताया कि इंटरनेट सुविधा का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई, कोचिंग और शैक्षणिक वीडियो के लिए इंटरनेट का उपयोग करते हैं, लेकिन नेटवर्क की गति पर्याप्त नहीं होने से उन्हें परेशानी होती है। नेहा किराना स्टोर के संचालक विश्वनाथ दास ने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल सेवाओं का उपयोग बढ़ रहा है। ऐसे में बेहतर इंटरनेट सुविधा ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी आवश्यक है। नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने पर कई बार मोबाइल से भुगतान करना संभव नहीं हो पाता और लोगों को नकद भुगतान का सहारा लेना पड़ता है। उपभोक्ताओं ने सेवा में सुधार की मांग की विश्वजीत सरकार, सहदेव और कुमारेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत पित्तेभोड़ियां क्षेत्र में जिओ के बड़ी संख्या में उपभोक्ता हैं। टावर शुरू होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इंटरनेट की गति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने जिओ कंपनी से तकनीकी स्थिति की जांच कर नेटवर्क और इंटरनेट सेवा को बेहतर बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल टावर शुरू होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को सुचारु और गुणवत्तापूर्ण नेटवर्क सुविधा भी मिलनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही सेवा में सुधार नहीं होता है तो वे संबंधित अधिकारियों और कंपनी के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।









