
रिपोर्टर – राहुल त्रिवेदी
विदिशा/गंजबासौदा। भारतीय मजदूर संघ जिला विदिशा के तत्वावधान में नई गल्ला मंडी गंजबासौदा में 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ से जुड़े विभिन्न महासंघों के साथ तुलावट, हम्माल एवं इलेक्ट्रीशियन संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना के साथ हुई। मुख्य अतिथि भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री शिवपाल सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माता और श्रमिक जगत के आराध्य देव हैं। श्रम की प्रतिष्ठा और शिल्प के सम्मान का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों के कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों के लिए निरंतर कार्य करता है। श्रम और शिल्प के महत्व पर विचार विशेष अतिथि विभाग प्रमुख श्री महेंद्र सोनी ने भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी बताते हुए शिल्प एवं तकनीकी ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना से कार्य के प्रति समर्पण, कुशलता और सकारात्मक ऊर्जा की भावना मजबूत होती है। उन्होंने 17 सितंबर को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया। विशिष्ट अतिथि श्री अमरीश सिंह, मंत्रालय भोपाल एवं लक्ष्मण सिंह जाट, लिपिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। श्रमिकों का किया सम्मान कार्यक्रम की अध्यक्षता हम्माल संघ अध्यक्ष श्री भारत सिंह अहिरवार ने की। मंच संचालन तुलावट संघ के महामंत्री श्री कमलेश साहू ने किया। इस अवसर पर तुलावट संघ, हम्माल संघ एवं इलेक्ट्रीशियन संघ से जुड़े श्रमिकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कमलेश अहिरवार, गंगाराम अहिरवार, राजू सोलंकी, राम सिंह रघुवंशी, मुन्नालाल अहिरवार सहित बड़ी संख्या में श्रमिक एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।समापन अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने भगवान विश्वकर्मा जी की आरती की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। तुलावट संघ के अध्यक्ष श्री विनोद अहिरवार ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं श्रमिकों का आभार व्यक्त किया।









